सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- आपसी समझौते से सुलझाएं विक्रम भट्ट धोखाधड़ी मामला
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30 करोड़ के आरोप में डायरेक्टर को नियमित जमानत, मिडिएशन सेल भेजा विवाद
उदयपुर, 19 फरवरी: फिल्म निर्माण के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम सुझाव देते हुए कहा है कि यह एक कमर्शियल विवाद है, जिसे दोनों पक्ष आपसी समझौते से सुलझाने का प्रयास करें। कोर्ट ने दोनों पक्षों को मिडिएशन सेल में जाकर समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को नियमित जमानत दे दी गई।
विक्रम भट्ट के आज शाम तक उदयपुर जेल से बाहर आने की संभावना है। इससे पहले 13 फरवरी को श्वेतांबरी भट्ट को अंतरिम जमानत मिल चुकी थी। विक्रम भट्ट को 7 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था।
सुनवाई के दौरान भट्ट के वकील कमलेश दवे ने तर्क दिया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकतर वेंडर और लोग मुंबई के हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि मामले को बेवजह मुंबई ट्रांसफर कराने के लिए मजबूर न किया जाए।
बायोपिक और फिल्मों के नाम पर भुगतान का आरोप
इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों पर उदयपुर में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि पत्नी की बायोपिक बनाने और चार फिल्मों के निर्माण के लिए 47 करोड़ रुपए में सौदा तय हुआ था। इसके तहत विभिन्न खातों में करीब 45 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, लेकिन प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
