फिर याद आया 14 महीने पुराना नरभक्षी तेंदुआ कांड
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किसान के शिकार के बाद सज्जनगढ़ के साये में फिर फैली दहशत
वन विभाग अलर्ट, शहरी सीमा से सटे इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
उदयपुर, 28 फरवरी (सुभाष शर्मा): उदयपुर शहर में सज्जनगढ़ सेंचुरी के समीप एक किसान को तेंदुए द्वारा शिकार बनाए जाने की घटना ने शहर को फिर दहला दिया है। शुक्रवार रात हुई इस वारदात ने चौदह महीने पहले के उस खूनी दौर की याद ताजा कर दी, जब एक नरभक्षी तेंदुए ने आठ लोगों की जान ले ली थी। लंबे समय बाद सामान्य हुई जिंदगी एक बार फिर दहशत के साये में नजर आ रही है।
सितंबर 2024 का खौफनाक सिलसिला
सितंबर 2024 में उदयपुर जिले के छली, बगदुंडा, माजवद और मदर ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 18, 19, 20, 25, 28 और 30 सितंबर को तेंदुए ने सिलसिलेवार हमले किए थे। इन हमलों में चार महिलाओं और एक पांच वर्षीय बच्चे सहित कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण इलाकों में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था।
मदार क्षेत्र में ढेर हुआ था संदिग्ध नरभक्षी
बड़गांव के मदर गांव में खेत पर काम कर रही दो महिलाओं पर हमले के बाद, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। शहर के पास मदार क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में संदिग्ध नरभक्षी तेंदुए को मार गिराया गया था। प्रभागीय वन अधिकारी अजय चित्तोड़ा ने तब बताया था कि मारा गया तेंदुआ वयस्क नर था और उसके ‘मैन-ईटर’ बनने की आशंका थी। अंतिम पुष्टि नमूना परीक्षण रिपोर्ट पर निर्भर बताई गई थी। अभियान के दौरान पिंजरे, ट्रैप कैमरे और जाल लगाए गए तथा अतिरिक्त बल की मदद से ट्रैकिंग की गई थी। तीन अन्य तेंदुए भी अलग-अलग स्थानों से पकड़े गए थे।
फिर सामने आई मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती
सज्जनगढ़ क्षेत्र में ताजा घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है। शहरी क्षेत्र के आसपास तेंदुए की दस्तक पिछले कुछ सप्ताह से देखी जा रही थी, लेकिन किसी व्यक्ति का शिकार किए जाने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। प्रशासन ने जंगल की सीमा से सटे क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर न निकलने तथा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है। सर्च ऑपरेशन जारी है।
