भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरों के संगम ने रचा यादगार सांस्कृतिक उत्सव
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वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 का भव्य समापन
उदयपुर, 8 फरवरी : वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फ़ेस्टिवल 2026 का समापन अपने अंतिम दिन एक भव्य और भावनात्मक अंदाज़ में हुआ। ज़िंक सिटी उदयपुर के ऐतिहासिक खुले मंचों पर तीन दिनों तक चले इस संगीत महोत्सव ने भारतीय और वैश्विक कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुपम उत्सव रचा। हिंदुस्तान ज़िंक के सहयोग और ‘सहर’ द्वारा परिकल्पित इस फ़ेस्टिवल का आयोजन राजस्थान सरकार एवं पर्यटन विभाग के समर्थन से हुआ।

सुबह की शुरुआत अमराई घाट पर शास्त्रीय सुरों से
अंतिम दिन की शुरुआत मांझी घाट (अम्ब्राई घाट) पर सुबह 9 बजे हुई। सिद्धार्थ बेलमन्नु ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत से वातावरण को शांत और भावपूर्ण बनाया। इसके बाद स्पेन से आए “फ्रॉम फ़ादर टू सन: फ़्लैमेंको” ने झील किनारे अपनी आत्मीय परंपराओं को जीवंत कर दिया।

फतेहसागर पाल पर लोक और फ़्यूज़न का जादू
दोपहर 3:30 बजे से फतेहसागर पाल पर प्रस्तुतियों ने वैश्विक रंग बिखेरा। पोलैंड के वोलोसी ने ऊर्जावान पोलिश लोक संगीत से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद इंडियन ओशन ने अपने लोक–रॉक–आध्यात्मिक मिश्रण से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
गांधी ग्राउंड पर समापन, अमित त्रिवेदी की धमाकेदार प्रस्तुति
शाम 6 बजे गांधी ग्राउंड पर स्पेन के “फ़्लैमेंको ड्रीम” और चिली के “कैल माम्बो” ने लैटिन तालों से माहौल में जोश भर दिया। अंतिम प्रस्तुति अमित त्रिवेदी की रही, जिनकी लोकप्रिय बॉलीवुड रचनाओं और ऊर्जावान लाइव परफॉर्मेंस ने फ़ेस्टिवल को यादगार समापन दिया।
आयोजकों ने जताया गर्व
हिंदुस्तान ज़िंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि यह महोत्सव कला और संस्कृति की एकता की शक्ति का उत्सव है, जिसने उदयपुर को वैश्विक संगीत केंद्र के रूप में और मजबूत किया। वहीं ‘सहर’ के फाउंडर संजीव भार्गव ने इसे दस वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का भावनात्मक पड़ाव बताया।
वैश्विक कलाकारों ने बढ़ाई महोत्सव की गरिमा
तीन दिवसीय आयोजन में नॉर्वे, अल्जीरिया, फ्रांस, केप वर्डे, कैमरून सहित कई देशों के कलाकारों ने अपनी अनूठी प्रस्तुतियों से उत्सव को समृद्ध किया। कैलाश खेर, जोनिता गांधी और OAFF जैसे भारतीय कलाकारों ने भी मंच पर खास रंग जमाया।
