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गुरु की सीख ने बदली किस्मत, मधुमक्खी पालन से लाखों की कमाई

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गुरु की सीख ने बदली किस्मत, मधुमक्खी पालन से लाखों की कमाई

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चित्तौड़गढ़ के युवा किसान ने फूलों और प्रकृति को समझकर खड़ा किया सफल बिजनेस
चित्तौड़गढ़, 30 जनवरी:
नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय चित्तौड़गढ़ के एक युवा ने खेती से जुड़े पारंपरिक काम को आधुनिक सोच के साथ अपनाया और आज मधुमक्खी पालन से हर साल लाखों रुपए की कमाई कर रहा है। मुंगाना (कपासन) गांव निवासी तरुण शर्मा बीते पांच वर्षों से बी-कीपिंग के जरिए न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं।
पोस्ट ग्रेजुएशन, पीजीडीसीए और सोलर कोर्स करने के बावजूद तरुण को नौकरी नहीं मिली। इसके बाद अपने पारिवारिक गुरु की सलाह पर उन्होंने मधुमक्खी पालन सीखने का निर्णय लिया। वर्ष 2021 में एक अनुभवी बी-कीपर के साथ एक साल तक प्रशिक्षण लेकर उन्होंने इस व्यवसाय की बारीकियां समझीं।
100 बॉक्स से की शुरुआत
तरुण ने करीब 7–8 लाख रुपए निवेश कर 100 मधुमक्खी बॉक्स से काम शुरू किया। फूलों और मौसम के अनुसार वे अपने बॉक्स देश के अलग-अलग हिस्सों—टोंक, प्रतापगढ़, भरतपुर, कोटा, मध्यप्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक ले जाते हैं। आज उनके पास सरसों, अजवाइन, तुलसी, जामुन, कश्मीरी और मल्टी-फ्लोर सहित कई किस्मों का शहद है। उन्होंने अपने उत्पाद को ‘बी कीपर हनी 1998’ ब्रांड नाम से बाजार में उतारा है।
तरुण बी2सी मॉडल पर सीधे ग्राहकों को शहद बेचते हैं। सोशल मीडिया के जरिए ऑर्डर लेकर वे सालाना करीब 10 टन शहद उत्पादन कर 5 से 6 लाख रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं। आज उनके साथ छह लोग काम कर रहे हैं। परिवार के सहयोग से खड़ा यह व्यवसाय साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से खेती भी मुनाफे का सौदा बन सकती है।

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