मकरविलक्कू पर्व पर शोभायात्रा में झलकी केरल की भक्ति संस्कृति
Share
झांकियों, पारम्परिक वेशभूषा और नृत्य प्रस्तुतियों ने लुभाया
उदयपुर, 13 जनवरी : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर न्यू ज्योति नगर स्थित अयप्पा मंदिर में मंगलवार से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
उल्लेखनीय है कि केरल में इसे मकरविलक्कू के रूप में मनाया जाता है और उदयपुर में बसे भगवान अयप्पा के भक्त इसे श्रद्धा और उल्लास के साथ परम्परागत रूप में मनाते हैं।
कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान अयप्पा की झांकी के साथ केरल की भक्ति संस्कृति का प्रदर्शन हुआ। यात्रा बोहरा गणेशजी मंदिर से शुरू होकर सुखाड़िया विश्वविद्यालय रोड, आयड़ ब्रिज तिराहा होते हुए 100 फीट रोड के मार्ग से मंदिर तक पहुंची। शोभायात्रा में बालिकाएं और महिलाएं हाथों में तालापोली लिए कतारबद्ध चल रही थीं, जबकि लोक कलाकारों और केरल से आए कलाकारों ने पारम्परिक वेशभूषा में सिनकारी मेलम, पंच मेलम और अम्मन कुडम जैसी प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ यात्रा में हर व्यक्ति भक्ति में मग्न नजर आया।
सचिव टीपी संजीव ने बताया कि 14 जनवरी को अयप्पा मंदिर में प्रातः महागणपति हवन, अभिषेक, कलश पूजन और विशेष पूजा-अर्चना होगी। दोपहर में पारम्परिक केरल व्यंजनों का वितरण और शाम को महाआरत्ती के बाद कलाकारों द्वारा सिनकारी मेलम, पंच मेलम जैसी प्रस्तुतियां दी जाएंगी। यह पर्व भगवान अयप्पा के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, जो सबरीमाला की मकर ज्योति की परम्परा से जुड़ा हुआ है।
