उदयपुर के मेनार में ‘जमराबीज’ का जोश, बंदूकों की गर्जना, तलवारों की गूंज
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रामसर साइट पर युवाओं ने बारूद संग मनाया मुगल सेना पर विजय पर्व
उदयपुर, 4 मार्च: विश्व प्रसिद्ध बर्ड विलेज और रामसर साइट मेनार में बुधवार को पारंपरिक ‘जमराबीज’ पर्व ऐतिहासिक जोश और उल्लास के साथ मनाया गया। मेवाड़ की वेशभूषा में सजे युवाओं ने मशालों और बारूद भरी बंदूकों के साथ मोर्चाबंदी की, हवाई फायर किए और तोपों की गर्जना के बीच विजय उत्सव का प्रदर्शन किया।

लोकमान्यता के अनुसार मुगलकाल में औरंगजेब की सेना चित्तौड़गढ़ से उदयपुर की ओर बढ़ते समय मेनार में रुकी थी। तब मेनारिया समाज ने रणनीति बनाकर होली के दूसरे दिन सेना को गांव बुलाया और परास्त किया। इसी विजय की स्मृति में जमराबीज का पर्व आज भी परंपरागत रूप से मनाया जाता है।
दोपहर में ओंकारेश्वर चबूतरे पर लाल जाजम की रस्म से कार्यक्रम शुरू हुआ। रात नौ बजे युवा और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में पांच रास्तों पर मोर्चाबंदी कर एकत्रित हुए। ठीक दस बजे सैकड़ों बंदूकों से एक साथ हवाई फायर से ओंकारेश्वर चौक गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों की थाप पर तलवारों और खांडों से गैर नृत्य व अखाड़ा प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। जमराघाटी में महिलाओं ने गीतों से होली को शीतल किया, वहीं इतिहास वाचन के बाद ‘अगले साल फिर पधारना’ की मुनादी के साथ पर्व का समापन हुआ।
