जली रोटियां और पानी जैसी सब्जियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्राएं
Share
गर्ल्स हॉस्टल में बदहाल व्यवस्था का आरोप, बोलीं—अब या तो वॉर्डन रहेगी या हम
बांसवाड़ा, 24 दिसम्बर: बांसवाड़ा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका हॉस्टल की छात्राएं हाथों में जली हुई रोटियां और पोहे लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करती छात्राओं को देखकर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में न तो ढंग का खाना मिल रहा है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। परेशान छात्राओं ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर वार्डन को हटाने की मांग की है।
खाने की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप
छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में मिलने वाली सब्जियां केवल पानी जैसी होती हैं और कई बार उनमें कीड़े निकलते हैं। रोटियां या तो जली हुई होती हैं या फिर कच्ची। मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा और बीते 20 दिनों से लगातार नाश्ते में पोहे ही परोसे जा रहे हैं, वह भी बिना सेव के। हालात ऐसे हैं कि छात्राएं खुद ही खाना बनाने को मजबूर हो गई हैं।
“वार्डन सिर्फ साइन करके चली जाती हैं”
छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल वार्डन का व्यवहार भी ठीक नहीं है। वे हॉस्टल में नियमित रूप से मौजूद नहीं रहतीं, केवल साइन करने आती हैं और चली जाती हैं। जब खाना बनाने वाली बाई से शिकायत की जाती है तो वह भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है।
सुविधाओं का अभाव, पढ़ाई प्रभावित
छात्राओं ने बताया कि उन्हें सर्दी के मौसम में न तो स्वेटर दिए गए हैं और न ही गर्म पानी की सुविधा है। कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर कोई शिक्षक नहीं है, कंप्यूटर रूम में जाले लगे हुए हैं। दवाइयों की भी भारी कमी है और गलत दवा देने से एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई थी। वार्डन द्वारा कोचिंग जाने से रोकने और बिना सामान दिए साइन करवाने के भी आरोप लगाए गए।
जबरन छुट्टियों में घर भेजने का आरोप
छात्राओं ने कहा कि कई बार 2–3 दिन की छुट्टियों में भी उन्हें जबरन घर भेज दिया जाता है। साथ ही वर्षों से मिलने वाली छात्रवृत्ति का भी कोई हिसाब नहीं दिया गया है। परीक्षाएं नजदीक होने के बावजूद मानसिक प्रताड़ना के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस मामले में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक विनोद कुमार ने कहा कि यह पहली बार इस तरह की शिकायत सामने आई है, मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वार्डन ममता सोलंकी ने सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि हाल ही में जयपुर से आई टीम ने निरीक्षण कर संतोष जताया था और छात्राओं को किसी ने गुमराह किया है। जबकि छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे हॉस्टल खाली करने को मजबूर होंगी।
