‘वेस्ट से वंडर’ अभियान से बदली गांवों की तस्वीर
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राजसमंद की पैडवुमन भावना पालीवाल के प्रयास लाए रंग
उदयपुर, 22 फरवरी (सुभाष शर्मा): राजसमंद की ‘पैड वुमन’ के नाम से प्रसिद्ध भावना पालीवाल ने अब ‘वेस्ट से वंडर’ अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वरोजगार की नई अलख जगाई है। माहवारी स्वच्छता जागरूकता के क्षेत्र में पहचान बना चुकी पालीवाल ने इस बार पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ते हुए अभिनव पहल की है।
इस अभियान की शुरुआत पिपलांत्री, कुंवारिया, रेलमगरा, आमेट क्षेत्र के गांवों और आसपास की ढाणियों से की गई है, जहां घर-घर जाकर महिलाओं और युवाओं को बेकार पड़ी वस्तुओं से उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्लास्टिक की बोतलें, पुराने कपड़ों के टुकड़े, रद्दी कागज और अन्य अनुपयोगी सामग्री से सजावटी सामान, थैले, गृह उपयोगी वस्तुएं और हस्तशिल्प उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

स्वयं सहायता समूहों को बनाया आधार
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। तैयार उत्पादों को स्थानीय मेलों, प्रदर्शनियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि हो सके।
भावना पालीवाल का कहना है, “कचरा नहीं, संसाधन है—जरूरत है सही दिशा और सोच की।” उनके इस प्रयास से गांवों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, वहीं महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की भावना भी मजबूत हुई है। ‘वेस्ट से वंडर’ अभियान अब राजसमंद जिले में सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है।
