राष्ट्र निर्माण की साधना में निरंतर कर्मशील हैं शिक्षक संघ राष्ट्रीय के कार्यकर्ता : शिक्षा मंत्री
Share
बांसवाड़ा में शिक्षक महाकुंभ, प्रदेशभर से उमड़े हजारों शिक्षक
बांसवाड़ा, 19 दिसंबर: राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है और राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के कार्यकर्ता इसी भावना के साथ निरंतर कर्मशील हैं। यह बात शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बांसवाड़ा शहर के लियो इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के दो दिवसीय प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कही। इस अवसर पर प्रदेशभर से हजारों शिक्षक बांसवाड़ा पहुंचे, जिससे आयोजन शिक्षक महाकुंभ में तब्दील हो गया।
शिक्षा के मंदिरों में राष्ट्रभावना का संचार
शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि शिक्षक संघ राष्ट्रीय के कार्यकर्ता महर्षि वशिष्ठ, रामकृष्ण परमहंस और समर्थ गुरु रामदास की परंपरा का निर्वाह करते हुए स्वामी विवेकानंद व शिवाजी जैसे राष्ट्रनिष्ठ नागरिक तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पहली बार विद्यालयों में दीपोत्सव मनाया गया। साथ ही भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ, रानी अबक्का चौटा की 500वीं जयंती और आरएसएस के शताब्दी वर्ष जैसे ऐतिहासिक अवसर मनाए जा रहे हैं। शिक्षक संघ की मांगों पर मानवीय दृष्टिकोण से शीघ्र निस्तारण का आश्वासन भी दिया।
शिक्षक कभी याचक नहीं हो सकता : महेंद्र कपूर
मुख्य वक्ता अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने कहा कि शिक्षक का दायित्व है कि कोई भी विद्यार्थी अभावों में न रहे। शिक्षक राष्ट्रधर्म से जुड़ा होता है, वह कभी याचक नहीं हो सकता।
शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताया
महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताते हुए उन्हें अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने और शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया।
पदोन्नति, स्थानांतरण व वेतन विसंगति का मुद्दा
प्रदेश अध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा ने शिक्षकों की प्रमुख समस्याएं रखते हुए तृतीय वेतन श्रृंखला सहित सभी संवर्गों के शीघ्र स्थानांतरण, 30 अप्रैल 2026 तक पदोन्नतियां सुनिश्चित करने तथा प्रबोधकों व 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की।
संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष सुषमा विश्नोई ने किया, जबकि आभार सह संयोजक दिनेश मईडा ने व्यक्त किया। उद्घाटन सत्र से पूर्व ध्वजारोहण एवं स्व. जयदेव पाठक स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन भी हुआ।
