नाबालिग से अश्लील हरकत करने वाले को तीन साल की सजा
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सह-अभियुक्त को मिला संदेह का लाभ
पॉक्सो कोर्ट का फैसला
उदयपुर, 15 अक्टूबर: उदयपुर की लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) विशेष अदालत ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए नाबालिग बालिका से अश्लील हरकत करने के मामले में आरोपी संजय उर्फ कालू पुत्र बाबूलाल (33) निवासी हुण्डला थाना पानरवा को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और 21500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं सह-अभियुक्त राजू उर्फ राजकमल पुत्र शंकरलाल (35 वर्ष) को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।
विशिष्ट लोक अभियोजक महेंद्र कुमार ओझा ने बताया कि बीते वर्ष 26 अगस्त को पानरवा पुलिस थाने में 16 वर्षीया किशोरी ने शिकायत दी थी कि आरोपी संजय ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए, गाली-गलौज की और उसके कपड़े फाड़ दिए। जब किशोरी का छोटा भाई बीच-बचाव करने आया तो उसे भी मारा-पीटा गया। इस दौरान आरोपी राजू भी वहां मौजूद था और गाली-गलौज कर रहा था। वरिष्ठ अधिवक्ता ने आरोपी के विरुद्ध 17 गवाह और 36 दस्तावेज पेश किए, जिनको मद्देनजर रखते हुए जज संजय कुमार भटनागर ने आरोपी को सजा सुनाई।
अदालत ने यह मानते हुए कि पीड़िता नाबालिग थी और आरोपी का अपराध समाज के प्रति गंभीर स्वरूप का है, उसे परिवीक्षा का लाभ देने से इनकार कर दिया। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि संजय उर्फ कालू के खिलाफ पूर्व में सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। जज संजय कुमार भटनागर ने आदेश दिया कि पीड़िता को 50 हजार का प्रतिकर राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर द्वारा दिलाया जाए। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में नरमी बरतना कानून के उद्देश्य के विपरीत होगा, क्योंकि पॉक्सो अधिनियम का मकसद बालकों के लैंगिक शोषण को रोकना है।
