पेड़ काटने का विवाद बना अपहरण कांड, चार दोषी करार
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बाइक रोककर कार में डाला, मारपीट के बाद सुनसान रास्ते पर फेंका; प्रत्येक को 4 साल कैद व ₹75 हजार जुर्माना
चित्तौड़गढ़, 26 फरवरी: खेत की मेड़ पर खड़े पेड़ को काटने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अपहरण और मारपीट जैसे गंभीर अपराध में बदल गया। करीब साढ़े चार साल पुराने गंगरार थाना क्षेत्र के मामले में अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2 के न्यायाधीश विनोद कुमार बैरवा ने चार आरोपियों को दोषी मानते हुए प्रत्येक को चार-चार वर्ष के कारावास और 75-75 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक ममता जीनगर ने बताया कि 6 अक्टूबर 2021 को जगदीश जाट ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। कालूराम जाट और भैरूलाल जाट के खेत पास-पास हैं और मेड़ पर खड़े पेड़ को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी।
उसी दिन कालूराम बाइक से सुदरी जा रहे थे, तभी एक कार ने फैक्ट्री के पास उनकी बाइक रोक ली। कार में सवार रतन सिंह व अन्य आरोपियों ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर मारपीट की और कच्चे रास्ते पर घायल अवस्था में छोड़ दिया।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान 17 गवाह और 49 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
