ट्रम्प के रूसी तेल पर दावा खारिज: MEA ने बताया, भारत ने कोई वायदा नहीं किया
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वॉशिंगटन/नई दिल्ली, 16 अक्टूबर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावे कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने खारिज कर दिया। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि 11 अक्टूबर को पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी।
ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोदी ने भरोसा दिया है, हालांकि भारत इसे तुरंत लागू नहीं कर सकता। MEA ने बताया कि भारत अपनी ऊर्जा नीति के तहत जनता के हित, सुरक्षित आपूर्ति और स्थिर कीमतें सुनिश्चित करता है। अमेरिका के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा जारी है।
वहीं रूस ने भी बयान जारी किया कि भारत के लिए उनकी तेल आपूर्ति फायदेमंद है और द्विपक्षीय संबंधों पर किसी का हस्तक्षेप नहीं है।
सेंटर पर विपक्षी नेता राहुल गांधी ने ट्रम्प के दावे के बाद पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी अमेरिकी दबाव में आ गए हैं और भारत की विदेश नीति प्रभावित हो रही है।
आंकड़ों के अनुसार, भारत सितंबर 2025 में रूस से कुल तेल आयात का 34% हिस्सा खरीद चुका है। हालांकि पिछले आठ महीनों में रूस से आयात में 10% की गिरावट आई, जिसे विशेषज्ञ अमेरिकी दबाव और सप्लाई विविधीकरण का परिणाम मानते हैं।
