1000 रुपए रिश्वत मामले में दो कनिष्ठ लिपिकों को एक-एक साल की सजा
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पंद्रह साल पहले पंचायत चुनाव की वीडियो के बिल भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत
उदयपुर, 23 फरवरी: विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी मनीष अग्रवाल ने वर्ष 2010 के रिश्वत प्रकरण में दो कनिष्ठ लिपिकों को एक-एक वर्ष के साधारण कारावास एवं कुल 30-30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला पंचायती चुनाव की वीडियोग्राफी के बिल भुगतान के एवज में 1000 रुपए रिश्वत लेने से जुड़ा था।
विशिष्ट लोक अभियोजक राजेश पारीक ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले की पीपलखूंट तहसील कार्यालय के तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक श्रीराम पुत्र रामसहाय मीणा निवासी केलादेवी कॉलोनी, गुंगापुर सिटी (सवाई माधोपुर) तथा प्रतापगढ़ जिला निर्वाचन शाखा के तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक मनोज शर्मा पुत्र स्व. राजेंद्र शर्मा निवासी हाउसिंग बोर्ड, बांसवाड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी।
पीपलखूंट निवासी कृष्ण कुमार ने 29 मार्च 2010 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की बांसवाड़ा चौकी में रिपोर्ट दी थी कि 7200 रुपए के बिल भुगतान के बदले 1000 रुपए की रिश्वत मांगी गई। सत्यापन के बाद 5 अप्रैल 2010 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सुनवाई उपरांत अदालत ने दोनों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।
