रंग, रस और राग से सराबोर उदयपुर
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फागोत्सवों की छटा में डूबी झीलों की नगरी
उदयपुर, 27 फरवरी: होली के नजदीक आते ही शहर में रंग, भक्ति और उत्सव का उल्लास चरम पर है। आमलकी एकादशी को मंदिरों में कुंज एकादशी के रूप में मनाते हुए ठाकुरजी के साथ अबीर-गुलाल की होली खेली गई। स्थानीय श्रीनाथजी की हवेली में राजभोग के दौरान कुंज सजाकर फाग उत्सव मनाया गया, जहां वैष्णवों ने गुलाल उड़ाकर भक्तिमय आनंद लिया। कोलपोल स्थित विट्ठलनाथजी मंदिर में भी गुलाल कुंड का मनोरथ हुआ।
शहर की विभिन्न संस्थाएं भी होली मिलन समारोहों में जुट गई हैं। वरिष्ठ सुरों की मंडली एक मार्च को शोभागपुरा स्थित मधुश्री बैंक्वेट हॉल में रंगारंग होली मिलन का आयोजन करेगी। वहीं व्यापार मंडल कृषि उपज मंडी समिति सात मार्च को कृषि व्यापार भवन में समारोह मनाएगी। अग्र बृज रज परिवार ने फॉर्म्स हाउस में फागोत्सव आयोजित किया, तो वल्लभ यूथ आर्गेनाइजेशन शनिवार को कृष्णा वाटिका में फूल फाग महोत्सव मनाएगा। राधा कृष्ण सखी मंडल ने एकलिंग विहार कालारोही में शुक्रवार को पारंपरिक फाग महोत्सव मनाया।
श्रमिक वर्ग होली के अवकाश पर
-मेवाड़ अंचल के गांवों से शहर में दिहाड़ी के लिए आने वाले श्रमिक भी होली व दशामाता पर्व मनाने गांवों की ओर लौटने लगे हैं। ऐसे में निर्माण, रंग-रोगन, सुथारी सहित कई कार्यों पर अवकाश का माहौल शुरू हो गया है। हालांकि, राजस्थान से बाहर यूपी-बिहार से यहां पर रोजगार के लिए आने वाले श्रमिक काम कर रहे हैं। बताया गया कि बाहर के श्रमिक होली पर एक या दो दिन ही अवकाश रखते हैं।
