उदयपुर सांसद का रोत पर हमला: “आदिवासी हिंदू नहीं” कहना वैरियर एल्विन की सोच
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जनजाति सुरक्षा मंच की कार्यशाला में बोले—डी-लिस्टिंग जरूरी, 24 मई को दिल्ली में गर्जना रैली
बांसवाड़ा, 22 फरवरी : उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बीएपी सांसद राजकुमार रोत पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे आदिवासी समाज को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। रावत ने कहा कि “आदिवासी हिंदू नहीं” का नारा मूल रूप से पादरी वैरियन एल्विन से जुड़ा है और इसे आगे बढ़ाना चर्च के एजेंडे को समर्थन देना है। उन्होंने कुछ तत्वों पर राष्ट्रविरोधी ताकतों से जुड़े होने का भी आरोप लगाया।
रावत बांसवाड़ा स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में जनजाति सुरक्षा मंच की जिला कार्यशाला में पहुंचे थे, जहां मई में दिल्ली में प्रस्तावित ‘गर्जना रैली’ की रणनीति पर चर्चा हुई।
“5% लोग ले रहे 70% लाभ”
कार्यशाला में रावत ने दावा किया कि 1950 से जनजाति समाज के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरित समुदाय के 5% लोग समाज को मिलने वाले 70% आरक्षण लाभ ले रहे हैं। उन्होंने संविधान में संशोधन कर ‘डी-लिस्टिंग’ लागू करने की मांग दोहराई, ताकि मूल जनजाति समाज को ही आरक्षण का लाभ मिले।
24 मई को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन
रावत ने कहा कि 24 मई को दिल्ली में विशाल गर्जना रैली आयोजित होगी, जिसमें देशभर के 752 जनजाति समुदायों की भागीदारी का लक्ष्य है। उन्होंने समाज से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में डूंगरपुर कलेक्ट्रेट की बैठक में रावत और रोत के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
