उदयपुर वीडियो ट्रैप स्कैंडल: एफएसएल जांच से मच सकती है राजनीतिक हलचल
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उदयपुर, 17 फरवरी: उदयपुर के भूपालपुरा थाने में शहर भाजपा की एक महिला नेता द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर और उससे जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो प्रकरण ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। मामला सामने आते ही खासकर शहर भाजपा की राजनीति में चर्चाओं की सुनामी आ गई है। हर तरफ अटकलें लगाई जा रही हैं और कुछ नेताओं के नाम भी इस प्रकरण से जोड़कर देखे जा रहे हैं। हालांकि कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन पर्दे के पीछे चर्चाओं का दौर तेज हो चुका है।
एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही देर बाद इसकी जानकारी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंच गई। अटकलों की लपटें उदयपुर से निकलकर जयपुर तक जा पहुंची हैं। अहम सवाल यह है कि यदि एफआईआर के अनुसार वीडियो पुलिस रिकॉर्ड पर आ गए, तो आने वाले दिनों में उदयपुर की राजनीति में बड़ा भूचाल आ सकता है। कई नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर भी संकट मंडरा सकता है।
भाजपा के भीतर ही वीडियो को लेकर बेचैनी
इस पूरे मामले में एक और अहम पहलू यह है कि भाजपा के ही कुछ लोग इन कथित वीडियो को हासिल करने के लिए लालायित नजर आ रहे हैं। वीडियो असली हों या एआई से तैयार किए गए हों, उन्हें किसी भी तरह प्राप्त करने की कोशिशें चल रही हैं। दूसरी ओर कई लोग चाहते हैं कि वीडियो किसी के हाथ न लगें, क्योंकि इसके पीछे बड़ी राजनीतिक गणित जुड़ी मानी जा रही है।
एफएसएल जांच से खुलेगा राज—वीडियो असली या एआई जनरेटेड
महिला नेता ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि वकील विशाल गुर्जर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए उनके परिचितों के साथ आपत्तिजनक वीडियो तैयार किए और उनके जरिए ब्लैकमेलिंग कर रहा था। पुलिस ने विशाल गुर्जर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में सेंट्रल जेल भेज दिया है। अब इन वीडियो की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) जांच से ही स्पष्ट होगा कि वीडियो वास्तविक हैं या एआई से बनाए गए।
