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विक्रम भट्ट व श्वेतांबरी को नहीं मिली हाईकोर्ट से जमानत

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विक्रम भट्ट व श्वेतांबरी को नहीं मिली हाईकोर्ट से जमानत

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फिल्म निर्माण के नाम पर उदयपुर के डॉ. मुर्डिया से करोड़ों की धोखाधड़ी का चर्चित मामला
उदयपुर, 31 जनवरी :
उदयपुर के इंदिरा आईवीएफ और इंदिरा एंटरटेनमेंट के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया के साथ हुई करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में उदयपुर केंद्रीय कारागृह में बंद बॉलीवुड फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट, उसकी पत्नी श्वेतांबरी व को-प्रोडयूसर मेहबूब अंसारी की जमानत याचिका राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने खारिज कर दी है।
प्रकरण के अनुसार गत सात दिसम्बर 2025 को हुई गिरफ्तारी और सात दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद 16 दिसम्बर से विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी उदयपुर केंद्रीय कारागृह में बंद हैं। वहीं मेहूबूब अंसारी 18 नवम्बर से जेल में है। जोधपुर हाईकोर्ट में तीनों की जमानत याचिका खारिज करते हुए आदेश में कहा कि प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार प्रकरण में विक्रम भट्ट, श्वेतांबरी ने कई फर्मों के नाम से अलग-अलग बिल बनवाकर परिवादी अजय मुर्डिया से पैसा ट्रांसफर करवाया और उस पैसे का उपयोग मूल उद्देश्य में नहीं कर, काफी पैसा अन्य खातों में घुमाते हुए स्वयं व अपने परिजनों के खातों में ट्रांसफर किया। इसमें मेहबूब अंसारी की भी पूरी मिलीभगत रही है। ऐसे में तीनों को अभी जमानत देना न्यायोचित न होकर तीनों की जमानत याचिका खारिज की जाती है।
सुनवाई के दौरान विक्रम भट्ट के वकील ने दलील दी कि यह पूरा घोटाला मुर्डिया के अकाउंटेंट की ओर से किया गया है और इस संबंध में मुंबई के वर्सोवा थाने में गत वर्ष एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी। पूर्व में दर्ज प्रकरण से बचने के लिए मुर्डिया व अन्य ने मिलकर विक्रम भट्ट, श्वेतांबरी सहित अन्य के खिलाफ यह एफआईआर उदयपुर में दर्ज करवाई है।
भट्ट के वकील ने तर्क दिए कि फर्म के खातों से स्वयं मुर्डिया, उसके बेटों और बहू ने चार करोड़ रुपए प्राप्त किए, जबकि वे फिल्म निर्माण में न तो कोई काम कर रहे थे और न ही किसी प्रकार का सहयोग कर रहे थे। वकील ने यह भी कहा कि एग्रीमेंट के अनुसार दो फिल्मों की रिलीज पर जो पैसा रिटर्न प्राप्त होता, वही अगली दो फिल्मों के निर्माण में लगाया जाता, लेकिन पहली फिल्म फ्लॉप होने से पैसा रिटर्न प्राप्त नहीं हुआ और अगली फिल्मों का निर्माण रुक गया। वकील ने यह भी तर्क दिया कि विक्रम भट्ट के बिलों को फर्जी और कूटरचित होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इन तथ्यों की एफएसएल रिपोर्ट नहीं है।

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