चित्तौड़गढ़ में एम्बुलेंस में महिला ने दिया बेटे को जन्म
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रास्ते में शुरू हुआ दर्द, स्टाफ की तत्परता से बची मां और बच्चे की जान
उदयपुर। 13 अगस्त
चित्तौड़गढ़ के खरड़ी बावड़ी गांव की रहने वाली कृष्णा पत्नी देवीलाल ने मंगलवार आधी रात एम्बुलेंस में ही बेटे को जन्म दिया। तेज लेबर पेन के बीच एम्बुलेंस स्टाफ की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने न केवल महिला की जान बचाई बल्कि बच्चे का भी सुरक्षित जन्म सुनिश्चित किया।
आधी रात शुरू हुआ दर्द, तुरंत बुलाई 108 एम्बुलेंस
मंगलवार रात करीब 1:56 बजे कृष्णा को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार वालों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किया। सूचना मिलते ही पायलट सोनू कुमार शर्मा और ईएमटी सुखदेव घटियावली के पास स्थित खरड़ी बावड़ी गांव पहुंचे। महिला को स्ट्रेचर पर शिफ्ट कर जिला अस्पताल की ओर रवाना किया गया।
रास्ते में कराई सुरक्षित डिलीवरी
हॉस्पिटल जाते समय कृष्णा की हालत बिगड़ने लगी और दर्द असहनीय हो गया। स्थिति गंभीर देखते हुए ईएमटी सुखदेव ने तत्काल डिलीवरी कराने का निर्णय लिया। पायलट ने एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोका और एम्बुलेंस के अंदर ही प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में महिला ने 2 किलो 750 ग्राम वजन के स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, ग्रामीणों ने जताया आभार
डिलीवरी के बाद मां और बेटे दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे डॉक्टरों की निगरानी में पूरी तरह स्वस्थ हैं। कृष्णा और उनके पति देवीलाल की यह तीसरी संतान है। पहले से उनकी दो बेटियां हैं और अब बेटे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। गांव में एम्बुलेंस स्टाफ की तत्परता की खूब सराहना हो रही है। ग्रामीणों और परिवारजनों ने पायलट सोनू शर्मा और ईएमटी सुखदेव का आभार जताते हुए कहा कि समय पर एम्बुलेंस न पहुंचती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
